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Krishna Janmastami

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री कृष्ण जी की कुछ लीलाओं से रूबरू करवाते हैं । Krishna Janmasta बांसुरी बजाना :- श्री कृष्ण जी बांसुरी बजाते थे तो आस पास की गोपियां और गाये भी इकठ्ठे होकर सुनते थे । मलुक दास जी की प्रार्थना पर कबीर साहेब ने एक बार बांसुरी बजाई तब सब पशु पक्षी और आसमान में देवता भी सुनने आए गए  तथा यमुना का पानी भी रुक गया । Krishna Janmastami परवरिश की लीला  :- श्री कृष्ण जी की बचपन में परवरिश गायो के दूध और मक्खन से हुई जबकि कबीर साहेब की परवरिश वेदोक्त कुंवारी गाय से हुई । सुदामा का महल बनाना  :- कृष्ण जी ने एक मुट्ठी चावल खाकर सुदामा का महल बनाया । और कबीर साहेब ने तैमूरलंग की एक रोटी खाकर उस सात पीढ़ी का राज दिया । पांडवों की यज्ञ सम्पूर्ण करना :- पांडवों की यज्ञ में कृष्ण जी उपस्थित थे लेकिन सुपच सुदर्शन रूप में कबीर परमेश्वर के भोजन करने से यज्ञ सम्पूर्ण हुई । कितनी भुजाओं और कलाओं के स्वामी  :- श्री कृष्ण के 4 भुजाएं और 16 कलाएं हैं जबकि कबीर परमेश्वर के अनंत भुजाएं और कलाएं हैं । असली वासुदेव कौन ...

Holy Bible

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Bible  पवित्र बाईबल ग्रंथ ईसाई धर्म का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ हैं । आज हम बाईबल के कुछ गूढ़ रहस्यों को जानेंगे । परमेश्वर निराकार नहीं, मनुष्य सदृश हैं :- बाईबल (उत्पति ग्रंथ पृष्ठ नं. 2, अध्याय 1:20 - 2:5 पर) परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं । फिर परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, नर और नारी की सृष्टि की ।  इससे सिद्ध होता हैं कि परमेश्वर निराकार नहीं, साकार मनुष्य सदृश हैं । क्योंकि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार बनाया तो परमेश्वर मनुष्य जैसा ही हुआ । मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं  :- बाईबल (उत्पति ग्रंथ 1:29)  जितने बीज वाले पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं, वे सब मैंने तुमको दिए हैं, वे सब तुम्हारे भोजन के लिए हैं ।  इससे स्पष्ट है कि परमेश्वर ने मनुष्य को खाने के लिए शाकाहारी भोजन दिया है।  छ: दिन में सृष्टि रचना का प्रमाण :- पवित्र बाईबल के उत्पति ग्रंथ से स्पष्ट होता हैं कि परमेश्वर ने छ: दिन में सृष्टि ...

कबीर परमेश्वर के चमत्कार

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आज हम, कबीर साहेब जब 600 वर्ष पहले आए थे तब उन्होंने क्या क्या चमत्कार किए, उनके बारे में पढ़ेंगे । शिशु कबीर परमेश्वर का नामांकन :- जब कबीर साहेब का नाम रखने के लिए कुरान शरीफ पुस्तक को काज़ी ने खोला। प्रथम नाम कबीरन् लिखा था। काजियों ने सोचा इस छोटे जाति वाले का कबीर नाम रखना शोभा नहीं देगा। पुनः कुरान शरीफ खोली तो उसमें सर्व अक्षर कबीर-कबीर-कबीर-कबीर हो गए। कबीर परमेश्वर शिशु रूप में बोले मैं कबीर अल्लाह अर्थात् अल्लाहु अकबर, हूँ। मेरा नाम कबीर ही रखो। सकल कुरान कबीर है, हरफ लिखे जो लेख। काशी के काजी कहै, गई दीन की टेक।। शिशु कबीर देव द्वारा कुँवारी गाय का दूध पीना :- जब बालक कबीर को दूध पिलाने की कोशिश में नीरू नीमा असफल रहे। तब कबीर साहेब ने कहा कुँवारी गाय ले आओ मैं उसका दूध पीऊँगा। ऐसा ही हुआ। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अमर पुरुष जब लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है तब कुँवारी गाय अपने आप दूध देती है जिससे उस पूर्ण प्रभु की परवरिश होती है। शिशु कबीर की सुन्नत करने का असफल प्रयत्न :- शिशु रूपधारी कबीर देव की...